TCS द्वारा 12,200 कर्मचारियों की छंटनी: 50 साल के इतिहास में सबसे बड़ी कटौती

भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी और देश का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का रोजगारदाता, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), ने मार्च 2026 तक 12,200 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। यह कंपनी के 50 साल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी होगी। इस कदम का मुख्य कारण ग्लोबल आर्थिक मंदी, टेक सेक्टर में मांग की कमी और ऑटोमेशन (Automation) व AI की बढ़ती भूमिका बताया जा रहा है।

क्यों कर रही है TCS इतने बड़े पैमाने पर छंटनी?

1. ग्लोबल आईटी सेक्टर में मंदी

  • पिछले कुछ समय से अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में आईटी प्रोजेक्ट्स में कमी आई है।
  • कई क्लाइंट्स ने कॉस्ट कटिंग के तहत नए डील्स पर रोक लगा दी है।
  • TCS की रेवेन्यू ग्रोथ पहले के मुकाबले धीमी हुई है, जिससे कंपनी को खर्चे कम करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।

2. AI और ऑटोमेशन का बढ़ता प्रभाव

  • जेनरेटिव AI (ChatGPT, Copilot, आदि) और रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) के कारण मैनुअल जॉब्स की जरूरत कम हो रही है।
  • TCS ने AI-फर्स्ट (AI First) स्ट्रैटेजी अपनाई है, जिसमें लो-स्किल जॉब्स को AI से रिप्लेस किया जा रहा है।

3. परफॉर्मेंस-बेस्ड छंटनी

  • कंपनी ने “बैलेंस शीट ऑप्टिमाइजेशन” के तहत लो-परफॉर्मिंग एम्प्लॉइज को हटाने का फैसला किया है।
  • TCS ने पिछले कुछ वर्षों में अपस्किलिंग (Upskilling) पर जोर दिया था, लेकिन जो कर्मचारी नई टेक्नोलॉजी के साथ एडजस्ट नहीं कर पाए, उन्हें निकाला जा रहा है।

किन विभागों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

TCS की यह छंटनी मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों में होगी:

  1. सपोर्ट और मेंटेनेंस प्रोजेक्ट्स – जहां ऑटोमेशन से काम लिया जा सकता है।
  2. ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट – जहां AI टूल्स ने कोडिंग की जरूरत कम कर दी है।
  3. बैक-ऑफिस और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स – जिन्हें AI-बेस्ड सिस्टम से हैंडल किया जा सकता है।

हालांकि, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में अभी भी भर्तियां जारी रहेंगी।


कर्मचारियों और यूनियनों की प्रतिक्रिया

  • नेशनल आईटी एम्प्लॉइज यूनियन (NITES) ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
  • कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर #TCSLayoffs ट्रेंड करते हुए कंपनी की नीतियों को “अनैतिक” बताया है।
  • TCS ने कहा है कि वह सेपरेशन पैकेज और कैरियर ट्रांजिशन सपोर्ट देगी, लेकिन कर्मचारी इसे “पर्याप्त नहीं” मान रहे हैं।

भविष्य में क्या होगा?

  • आईटी सेक्टर में और छंटनी की आशंका – Infosys, Wipro और HCL जैसी कंपनियां भी कॉस्ट कटिंग पर फोकस कर रही हैं।
  • AI और स्पेशलाइज्ड स्किल्स की मांग बढ़ेगी – जो लोग नई टेक्नोलॉजी सीखेंगे, उनके लिए अवसर बने रहेंगे।
  • सरकार से मांग – IT सेक्टर में जॉब कट्स को रोकने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की जरूरत है।

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